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बेतिया महाराज हरेंद्र किशोर सिंह की 165 वीं जन्मदिवस समारोह पूर्वक मनाई गई–एजाज अहमद

 

 

 

ब्यूरो रिपोर्ट पश्चिम चम्पारण     बेतिया। सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में बेतिया महाराज हरेंद्र किशोर सिंह की 165 वीं जन्मदिवस समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसमें सभी धर्मों के लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर महाराजा हरेंद्र किशोर सिंह के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। कार्यक्रम का आरंभ ब्रांड एम्बेसडर नीरज गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर महाराजा हरेंद्र किशोर सिंह के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पीस एंबेसडर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एजाज अहमद ने कहा कि आज से 165 वर्ष पूर्व मार्च 1854 ई0 में महाराजा हरेंद्र किशोर सिंह बेतिया राज की आखिरी महाराज का जन्म हुआ था। मात्र 39 वर्ष की अल्प जीवन में उन्होंने बेतिया को विकसित राज के रूप में भारत के पटल पर प्रकट करने का हर संभव प्रयास किया। उत्कृष्ट शासन प्रबंध के लिए भारत सरकार द्वारा 01 मार्च 1889 ई0 को “नाइट “की उपाधि से सम्मानित किया गया। साथ ही साथ जनवरी 1891 ई0 को बंगाल लेसलेटिव काउंसिल का सदस्य मनोनीत किया गया। मात्र 39 वर्ष की अल्प आयु में हृदयगति रुकने से 26 मार्च 1893 ई0 को देहांत हो गया।उनका सारा जीवन बेतिया के विकास के लिए था। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता शंभू शरण शुक्ल, शाहनवाज अली, नवीदो चतुर्वेदी ने कहा कि 1905 ई0 में महारानी विक्टोरिया के सम्मान में निर्मित विक्टोरिया मेमोरियल लाइब्रेरी को महाराजा हरेंद्र किशोर सिंह के जन्म शताब्दी वर्ष पर 1955 ई0 में नाम बदलकर महाराजा हरेंद्र किशोर सिंह लाइब्रेरी कर दिया गया। साथ ही साथ लाइब्रेरी में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई।

 

 

बेतिया नगर भवन एवं राज इंटर कॉलेज उनके सम्मान में हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर नई पीढ़ी को अपने इतिहास के बारे में बताने के लिए एक राष्ट्रीय स्मारक एवं संग्रहालय का निर्माण अति आवश्यक है। साथ ही साथ लगभग 400 वर्ष पुराने बेतिया राज की दोनों तोपो को संरक्षित करने की शाहनवाज अली बात कही। जिससे नई पीढ़ी अपने इतिहास को जान सके।

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