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अखिल भारतीय किसान महासभा के द्वारा किसान सम्मेलन आयोजीत

 

ब्यूरो रिपोर्ट पश्चिम चम्पारण   नरकटियागंज। अखिल भारतीय किसान महासभा के द्वारा किसान सम्मेलन कर 15 सदस्यीय संयोजक समीती का गठन किया गया। जहा रामअष्रेय कुशवाहा को संयोजक बनाया गया जो पोखरा चौक स्थित मंदिर के प्रांगण मे सम्पन्न हुआ। विभिन्न गांव से आये किसानो को सम्बोधित करते हुए किसान महासभा के नेता सुदामा साह ने कहा कि चम्पारण मे चिनी मिलो के द्वारा गन्ना का लुट बड़े स्तर पर जारी है और मोदी-नितीश की सरकार आरक्षण के नाम पर मुंगेरी लाल की हसीन सपने दिखा रही है। ताकि किसानो को मुल मुद्दा से भटकाया जा सके। पर मुंगेरी लाल के हसीन सपने भारत के किसान देखना पसंद नही करते और आज देश के अन्न दाता जो भुखमरी के कगार पर आत्महत्या करने पर मजबुर हैं। वह सच्चाई में यकीन रखते हैंं। आगे सुदामा साह ने कहा कि चम्पारण में चिनी मिलो के द्वारा गान्न लुट बंद कर 15 दिनो के अंदर सम्पूर्ण गन्ना का बकाया भुगतान करने का निर्णय सरकार अविलंब ले व फर्जी किसान कोड खत्म कर “पुअर डे” को छोटे-मझोले किसानो के गन्ना खरीद की ब्यवस्था करे। वही किसानो को सम्बोधित करते हुए किसान नेता मोहम्मद अबुलैश फैज ने कहा कि किसानो के धान क्रय के नाम पर सरकारी खजाने की हो रही लुट पर शुसाशन का ढोंग रचने वाली मोदी-नितीश की सरकार तत्काल रोक लगाये तथा किसानो के भवान्तर राशी दे और पशुपालक किसानो के जिवन -जिविका पर हमला करने वाली साम्प्रदायिक राजनीतिक को खत्म कर पशुओ के ब्यपार पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को वापस ले एवम आवारा और जंगली पशुओ से बर्बाद फसल का मुआवजा दे सरकार, क्योकि आवारा पशुओ के वजह से किसानो को दुसरी तरफ से भी शोषण का सामना करना पड़ रहा है तथा के.सी.सी समेत सभी तरह के किसानो के कर्ज माफ करे। किसानो के सम्बोधन मे  पुर्व शिक्षक व अखिल भारतीय किसान नेता अखिलेशवर राय ने कहा कि बटाईदार किसानो की जमीन के भाड़ा का व्यय लागत मे जोड़कर किसान आयोग के अनुसार फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य ढेड गुना घोषित करना चाहिए तथा किसानो की फसलों का सरकारी स्तर पर खरीद की गरान्टी करे मोदी-नितीश की सरकार तथा बिजली नल कूपों की सरकारी व्यवस्था कर किसानो को बिजली के चुंगल में फंसाना बंद होना चाहिए और खाद-बिज, इन्श्योरेन्स आदी के नाम पर हो रहे घोटाले की जांच जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए एवम वन भुमी पर लम्बे समय से खेती करते आ रहे आदिवासीयों व गरीब किसानो को उनकी जमीन पर वन अधिकार कानून के तहत भुमी अधिकार दे तथा भुमी सुधार कानून लागू करे। आगे कामरेड अखिलेशवर ने कहा कि गंगबरार की जमीन जोतने वाले गरीब किसानो को पर्चा जल्द से जल्द देने की गरान्टी होनी चाहिए और कोर्ट आफ वार्ड्स खत्म कर बेतिया राज की जमीन जोतने वाले किसानो को कानूनी भु अधिकार देने का निर्णय शुसाशन बाबु की सरकार को लेना होगा। उपरोक्त मागो का समर्थन करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता एवं कार्यकर्ताओं ने अवाज को बुलंद करते हुए कहा कि यदी किसानो का  निम्न मांगे नही मांगा गया तो अखिल भारतीय किसान महासभा के द्वारा आन्दोलन को और तेज करने का अहवान किया। वही किसान नेताओ ने 21 जनवरी को जिला समाहर्ता के समक्ष विशाल किसान महाधरना मे भाग लेने की अपील की एवम अगामी 5 फरवरी को बेतिया मे आयोजित गान्न लुट-भुमी लुट “जन अधिकार रैली” में हजारो की संख्या मे उपस्थित दर्ज कर रैली को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।

15 सदस्यीय संयोजक समीती के नेता अशोक, सुदामा साह, शम्भू चौधरी, विरेंद्र सहनी, गोरख साह, अखिलेशवर राय, अबुलैश फैज, चांदसी चौरसिया, ढोंरा पशवान व कार्यकर्ता शामिल थे। उक्त जानकारी सुनील यादव ने दिया।

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