धर्म निरपेक्षता बचाओ- संविधान बचाओ दिवस के रूप में वाम दलों ने मनाया बाबरी मस्जिद शहादत दिवश और,बाबा साहेब अंबेडकर स्मृति दिवस, मोदी का संघी फासीवादी शासन है

 

ब्यूरो रिपोर्ट पश्चिम चम्पारण   बेतिया। मोदी का लोकतंत्र विरोधी शासन, तमाम लोकतांत्रिक, संवैधानिक संस्थाओं पर मोदी के हमले के खिलाफ जनता बड़े जनांदोलन की तरफ बढ़ रही है, मोदी सरकार देश के लिए खतरा, गैरिलांकेश, गोविंद पनसारे, नरेंद्र दाभोलकर, एम.एम.कलबुर्गी जैसे लोगो की हो रही हत्या, संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ सेक्युलर मार्च, बाबरी मस्जिद शहादत दिवस और बाबा साहेब अम्बेडकर स्मृति दिवस को वाम दलों की संयुक्त बैनर से राज्यव्यापी संविधान बचाओ – धर्मनिरपेक्षता दिवस पर सेक्युलर मार्च किया, राजड्यूडी से निकला मार्च पूरे शहर होते हुए जिला समाहर्ता गेट तक पहुचा जहा बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्णपन के बाद वरिष्ठ कर्मचारी और कम्युनिटी नेता का0 रामसूरत राउत की अध्यक्षा में महती सभा हुई। सभा को भाकपा माले के केंद्रीय कमिटी सदस्य वीरेंद्र गुप्ता ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 1992 में बाबरी मस्जिद शहादत के समय तमाम संवैधानिक, लोकतांत्रिक संस्थाओ का मजाक उड़ाते हुए भाजपा और संघी ताकतों ने संविधान विरोधी, लोकतंत्र विरोधी कार्यवाही कर समाज और देश को बांटने की कोशिस किया था। आज फिर उससे भी बढ़ कर मोदी सरकार संविधान और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है। सीबीआई के लोग आपस मे लड़ रहे है। रिजर्ब बैंक के स्वेतता खत्म कर रही हैं। संसद में मोदी शायद ही कभी जाते है। सभी फैसले ढाई लोग मिलकर कर रहे है। कानून की धज्जियां उड़ाते हुए जल, जंगल, जमीन, खदान पर अडानी-अम्बानी के कब्जे के लिए लाखों-लाख दलितों- आदिवासियों, गरीबो को उजाड़ जा रहा है। क्षेत्रीय उन्माद पैदा कर देश के संघीय ढांचों को खत्म किया जा रहा है, बाबा साहेब अम्बेडकर की मूर्ति तोड़ी जा रही है, दिल्ली मेंजंतर मंतर पर संविधान की प्रतियां जलाई जा रही है, योगी राज में मॉब लीचिंग का राज, फ़र्जी मुठभेड के राज में तब्दील हो चुका है,बुलन्दशहर में विधिव्यवस्था में लगे पुलिस इंस्पेक्टर की गोली मार के हत्या कर दिया जा रहा है। अयोध्या और राम मंदिर के बहाने संविधान दिवस के पूर्व संध्या पर देश मे उन्माद पैदा करने की कोशिश कर संविधान को चुनौती दी जा रही है। मगर आज जनता मोदी सरकार के खिलाफ चौतरफा उठ खड़ी हुई है, आगे उन्होंने कहाकी सुप्रीम कोर्ट की फटकार और सूखाग्रस्त किसानों के प्रति असंवदेनशीलता के मद्देनजर नीतीश-मोदी इस्तीफा दें। दलित-गरीबों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ना बंद करे सरकारए गरीबों की जमीन से बेदखली पर रोक लगे। सभा के हवाले से अन्य नेताओं ने कहा कि शेल्टर होम रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार ने नीतीश-मोदी सरकार के वास्तविक चेहरे को जनसमुदाय के सामने स्थापित कर दिया है और वामदलों के द्वारा उठाए गए मुद्दे की पुष्टि की है। ब्रजेश ठाकुर को मिले राजनीतिक सरंक्षण की जांच हो और नीतीश-मोदी इस्तीफा दें। नीतीश सरकार द्वारा गरीबों को उजाड़ने और गरीबों को जोत-आबाद से बेदखल करने को लेकर वामदलों ने सख्त नाराजगी जाहिर की है और इसे तत्काल वापस लेने व जोत-आबाद कर रहे गरीबों को मालिकाना हक देने की मांग की है। वाम नेताओं ने सूखे से फटेहाल किसानों के प्रति राज्य सरकार की अनदेखी तथा किसानों के साथ राजनीति करने की कार्रवाई का विरोध करते हुए पूरे बिहार को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। वाम पार्टियों ने विधायकों। पार्षदों के वेतन में बढ़ोतरी और किसानों के कर्ज माफी के एजेंडे को नकारना राज्य की जनता के साथ मजाक है। भजापा – संघ परिवार और मोदी-योगी सरकार द्वारा मंदिर निर्माण कोलेकर उन्माद पैदा करने तथा संविधान-सुप्रीम कोर्ट को नकारने की कार्रवाई देश, समाज, लोकतंत्र और संविधान के लिए बड़ा खतरा उपस्थित कर दिया है। वामदलों ने सांप्रदायिक उन्माद के खिलाफ देशव्यापी अभियान तेज करने के साथ आज 6दिसंबर को संविधान-धर्मनिरपेक्षता दिवस के बतौर मनाया नेताओ ने आशा कार्यकर्ताओं की राज्यव्यापी संयुक्त हड़ताल का समर्थन किया,वामदलों ने 175 सिपाहियों खासकर महिला सिपाहियों की बर्खास्तगी की निंदा की है और उक्त मामले की संपूर्ण न्यायिक जांच करने की मांग की है.इनके अलावे माले के राज्य कमिटी सदस्य सुनील कुमार यादव,सुनील कुमार राव,मख्तार मिया,धर्म कुशवाहा,रिखी साह, आदि नेताओ ने भी सम्बोधित किया। उक्त जानकारी राज्य कमिटी सदस्य, भाकपा-माले सुनील कुमार यादव ने दिया।

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