सड़-गल चुके तंत्र और समाज की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा में बेटी बनी बिन व्याही माँ।

 कानून के कड़े प्रावधानों के बावजूद भी बेटियां महफूज नहीं हैं।
वही समाज में शरीर के लूटेरे चील-कौओं की मौजूदगी बनी हुई है , कानून और समाज के ठेकेदार उन दबंगो के आगे नमस्तक बन खरा है ऐसे में क्या प्रधानमंत्री के वादे बेटियों पर अत्याचार कभी बर्दाश्त नही करूंगा सच साबित होगा ?

महिला अत्याचार विरोधी निर्भया कानून और ‘क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2018 के तहत 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म मामले में फांसी की सजा मुकर्रर किए जाने से बेटियों पर अत्याचार थमेगा और वह दिन के उजाले तथा रात के अंधेरे में महफूज रहेंगी। लेकिन बिहार के पुर्णिया जिला अंतर्गत बायसी थाना क्षेत्र की घटना ने फिर प्रमाणित कर दिया कि बेटियां अब भी सुरक्षित नहीं हैं।

समाज और सिस्टम दबंग अपराधियो के आगे नमस्तक है । बेटियों की सुरक्षा अब भगवान भरोसे है।
वही बेटी बिन व्याही माँ बन कर तीन वर्षों से दर दर इंसाफ मांगने की गुहार लगा रही है ।

Check Also

एसडीएम ने सिकटा अंचल कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

  पंजी का अवलोकन करते एसडीएम चंदन चौहान सिकटा(चितंरजन कुमार गुप्ता )। प्रधान सचिव,राजस्व एवं …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *