जिला को ओडीएफ करने के लिए मिशन मोड में कार्य करना होगा– डीएम !

 ब्यूरो रिपोर्ट प0 चंपारण बेतिया। जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, डॉ0 देवरे ने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिला को ओडीएफ करने के लिए सभी अधिकारियों को मिशन माेड में कार्य करना होगा। उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान करनी होगी। इस कार्यक्रम को महज सरकारी कार्यक्रम समझने से उद्येश्य की पूर्ति नहीं होगी। वे ʹस्वच्छ सवेर्क्षण ग्रामीण, 2018ʹ के लॉचिंग कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले को ओडीएफ करने में सभी बीडीओ को महती भूमिका निभानी होगी। लोगों को शौचालय बनाने के साथ-साथ उन्हें व्यवहार परिवर्तन के लिए भी प्रेरित करना होगा। इस हेतु नियमित रूप से सुबह शाम फॉलोअप कार्यक्रम चलाना
होगा। लोगों को जागरूक करने हेतु रात्रि चौपाल का आयोजन करनी होगी। उन्होंने कहा कि
रात्रि चौपाल में वे भी शरीक होंगे और जिलास्तरीय पदाधिकारियों को भी जागरूकता कार्यक्रम
के करने हेतु क्षेत्र में भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिला में शौचालय निर्माण का कार्य सामान्य गति से चल रहे है। इस गति से लक्ष्य को प्राप्त करने में काफी विलंब होगी। उन्होंने सभी बीडीआे एवं प्रखंड समन्वयकों को लीडरोल में कार्य करने हेतु निदेशित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति एक माहौल बनाने की आवश्यकता है। इसमें सभी लोगों/समुदायों/पंचायत प्रतिनिधियों/जनप्रतिनिधियों से सहयोग लिया जाय। वार्ड समिति को एक्टीव किया जाय। वाररूम को फंक्शनल किया जाय। इसके बाद वे स्वच्छ सवेर्क्षण ग्रामीण, 2018 लोगों का विमोचन किये। आज 10 अगस्त 2018 को जिला सभा भवन में जिला जल स्वच्छता समिति, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के द्वारा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 का शुभारंभ किया गया। सभा में उपस्थित डीडीसी, रवीन्द्रनाथ प्रसाद सिंह द्वारा बताया गया कि पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राज्यों एवं जिलाें की रैंकिंग निर्धारण हेतु 1 अगस्त से 31 अगस्त तक स्वच्छ सवेर्क्षण ग्रामीण 2018 का
आयोजन किया गया है। इसके अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नामित स्वतंत्र सर्वेक्षण एजेंसी राज्य के सभी जिले के चयनित गांवों में जाकर शौचालय निर्माण
व इसके सतत उपयोग एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का आकलन करेगी। जिसका
मुख्य उद्येश्य एसबीएम-जी के महत्वपूर्ण स्वच्छता च्ंतंउमजमते पर राज्य एवं जिलों का
आकलन कर रैंक तैयार करना, सघन परामीटर एवं संपूर्ण आईसीई कैम्पैजिंग के जरिये ग्रामीण आबादी एवं समुदायों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना एवं स्वच्छता स्थिति को बेहतर बनाना, राज्यों एवं संबंधित राज्यों में जिलाें में स्वच्छता की स्थिति
की तुलना करना, स्कूल, आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हाट-बजार, धार्मिक स्थलों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार लाना, ग्राम पंचायत एवं समुदायों की स्वच्छता संबंधी व्यवहार
परिवर्तन के मिशन में भागीदारी बढ़ाना एवं उन्हें स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण के प्रति जागरूक करना तथा सर्वे के दौरान स्वच्छता में बेहतरी के लिए उन्हें सुझाव या थ्ममकइंबा देने के लिए प्रेरित करना है। उप विकास आयुक्त के द्वारा प्रखंडवार निम्न बिन्दुओं पर समीक्षा किया। 70 प्रतिशत से उपर शौचालय निर्माण वाले पंचायतों की समीक्षा कर ओडीएफ हेतु निर्देश दिया साथ ही जिओ-टैगिंग, वॉल पेंटिंग, प्रखंडवार वॉर रूम की स्थिति एवं राज मिस्त्रियों एवं स्वच्छाग्रहियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। इस कार्यक्रम में डीडीसी, एडीएम सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड कृषि
पदाधिकारी, प्रखंड प्रबंधक, जीविका, प्रखंड समन्वयक, कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा, सिविल सर्जन, बेतिया, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परियोजना
प्रबंधक, जीविका, जिला समन्वयक, एसबीएम-जी, जिला सलाहकार, आईईसी, एसएलडब्लूएम एवं यूनिसेफ के प्रतिनिधि श्री बद्रीनाथ तिवारी ने भाग लिया।

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