NEET 2018 काउंसलिंग के दूसरे राउंड के रिजल्ट के बाद आपाधापी|

Report: World TV News Exclusive


मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी (MCC) ने ऑल इंडिया सीट्स के दूसरे राउंड के अलॉटमेंट रिजल्ट जारी होने के बाद बचे उम्मीदवारों की बैचेनी बढ़ गई है। लिहाजा एनईईटी 2018 (NEET) एक्जाम में अच्छे रैंकिंग लाने के वावजूद अपने स्टेट में मेडिकल दाखिला से वंचित छात्र अपना कैरियर विदेश में तलाशने की कोशिश में जुट गए हैं। काउंसिल से मायूस उम्मीदवारों को अपनी ओर खींचने के लिए देश की राजधानी दिल्ली के होटल ललित में विदेश की कई यूनिवर्सिटी ने काउंसलिंग कैंप का आयोजन किया। विक्टोरिया यूनिवर्सिटी ऑफ बारबोडस, लिंकन अमेरिकन यूनिवर्सिटी और ब्रिजटाउन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर ने शिरकत की । काउंसिल करने वाली यूनिवर्सिटी ने MCI यानी मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के तहत अपने यूनिवर्सिटी के पैनलमेंट की भी जानकारी स्टूडेंट को दी।


MBBS एडमिशन के लिए उम्मीदवारों में उत्साह :
बिहार, झारखंड, यूपी, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली से कई ऐसे उम्मीदवार इस काउंसलिंग में जुटे जिन्हें एमसीसी के दूसरे राउंड की काउंसलिंग के बाद एडमिशन में सीटों की संख्या ना के बराबर में दिखी। लिहाजा उम्मीदवार बड़े पैमाने पर विदेशी यूनिवर्सिटी में काउंसलिंग की प्रकिया को जाना। उम्मीदवारों की बस एक ही शिकायत थी कि कुल 13 लाख स्टूडेंट नीट एक्जाम में भाग लिया और महज 07 लाख स्टूडेंट ने एक्जाम क्वालीफाई की। देश में सरकारी मेडिकल कॉलेज सहित सीटों की संख्या महज 60 हजार है। तो फिर बाकी बच्चे जाएं कहां?

एडमिशन के लिए दस्तावेज की जानकारी :
CBSE से जारी किया गया NEET Exam Admitcard
CBSE Result/ Rank letter
जन्म तिथि प्रमाण पत्र
10, 10+2 का पासिंग सर्टिफिकेट
10+2 का मार्क शीट
8 पासपोर्ट साइज फोटो
आईडी प्रूफ (पैन कार्ड, आधार कार्ड)
तीन गुना सस्ता फीस का दावा :
देश के निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले विेदेशी यूनिवर्सिटी के काउंलरों ने दावा किया कि उनका फी स्ट्रक्चर इंडिया के मुकाबले बेहतर है। पढ़ाई फीस के साथ लॉजिग और फूडिंग के साथ 05 साल में महज 15-20 लाख में हम आपको डॉक्टर की डिग्री देंगे।

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