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राजस्व कार्यालयों के रिक्त पदों के विरूद्ध शीघ्र बहाली की जायेगी, सीडब्लूजेसी/एमजेसी वादों में एसओएफ दायर करने का निदेश

 

ब्यूरो रिपोर्ट प0 चम्पारण  बेतिया। मंत्री, राजस्व एवं भिम सुधार विभाग, बिहार, राम नारायण मंडल द्वारा आज 11 अक्टूबर 2018 को समाहरणालय सभाकक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अंतर्गत जिला में क्रियान्वित किये जा रहे विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि जिले के विभिन्न राजस्व कार्यालयों में अमीन सहित अन्य कर्मियों की कमी है। इस पर मंत्री महोदय ने कहा कि अमीन सहित विभिन्न पदों पर रिक्तियों के विरूद्ध शीघ्र बहाली की जायेगी। रिक्त पदों पर बहालियों के लिए कैबिनेट से स्वीकृति प्रदत्त कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद के अधिकतर ममाले विभिन्न न्यायालयों में लंबित है। इस हेतु सभी लंबित वादों में एसओएफ दायर करने का निदेश दिया गया। उन्होंने अंचलाधिकारियों को निदेश दिया कि स्थानीय स्तर पर राजस्व कोर्ट में दोनों पक्षों को सुनकर यथाशीघ्र मामले का निष्पादन किया जाय। सीओ को नियमित तौर पर कोर्ट
कर भूमि विवाद के मामलों का निष्पादन करने को कहा गया। उन्होंने अन्य कार्यों के अतिरिक्त विभागीय कार्यों का प्राथमिकता के तौर पर शीघ्र निष्पादन करने का निदेश दिया। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को हल्का कार्यालयों का निश्चित तौर पर नियमित निरीक्षण करने को कहा है। मंत्री द्वारा पूर्व निर्धारित एजेण्डावार कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी। ऑनलाइन दाखिल-खारिज की समीक्षा में पश्चिम चम्पारण जिला के अधिकांश अंचलों में कार्य
संतोषजनक पाया गया। अंचलाधिकारी, बेतिया द्वारा बताया गया कि कुल 2417 ऑनलाइन म्यूटेशन के आवेदन के विरूद्ध 751 का निष्पादन कर दिया गया है। सीओ, नौन ने बताया कि 857 आवेदन के विरूद्ध 100 का निष्पादन कर दिया गया है। वहीं सिकटा अंचल से 460 के विरूद्ध 100, गौनाहा अंचल से 351 के विरूद्ध 100, ठकराहां से 75 आवेदन के विरूद्ध 7 वादों का निष्पादन कर दिये जाने की बात संबंधित सीओ द्वारा बताया गया। समीक्षा बैठक में पाया गया कि ऑनलाइन लगान वसूली अभी प्रारंभ नहीं हुआ है। अंचलाधिकारियों द्वारा बताया गया कि सॉफ्टवेयर इंस्टॉल नहीं होने के कारण ऑनलाइन लगान वसुली की प्रक्रिया अभी प्रारंभ नहीं हो पायी है। इस संदर्भ में सहायक निदेशक, भू-अर्जन द्वारा बताया गया कि लगान वस ूली के लिए अलग से सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं है। यह प्रक्रिया स्वचालित है। मंत्री द्वारा सरजमीनी सेवा के पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं पाये जाने पर चिंता व्यक्त किया गया। बैठक में उपस्थित अपर समाहता र्, श्री अंसार अहमद द्वारा बताया गया कि इस त्रुटि का शीघ्र निराकरण कर लिया जायेगा। समीक्षा में ऑपरेशन दखल-दहानी, अभियान बसेरा आदि योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की गयी और इसमें तेजी लाने का निदेश दिया गया। जिला भू-अर्जन परियोजना की समीक्षा में बताया गया कि इंडो-नेपाल सीमा परियोजना के तहत कुल 94 गांव के मौजे शामिल है जिसमें से 87 गांवों के जमीन का मुआवजा का भुगतान जारी है। उसमें से 83 गांवों के मौजे का पोजेशन भी ले लिया गया है। मंत्री ने कहा कि भूमि अर्जन की कार र्वाई में अड़चन नहीं आनी चाहिये। इसके चलते बड़ी-बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब एवं कठिनाई उत्पन्न होती है। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप की समीक्षा में एडीएम द्वारा बताया गया कि
एनआरसी के कुल 362 आवेदन सत्यापन हेतु जिला में प्राप्त हुए थे जिसमें से 116 का सत्यापन कर वापस कर दिया गया है। वहीं 39 अपठनीय होने एवं 74 अन्य जिलों से संबंधित होने के चलते इसे वापस कर दिया गया है। शेष 133 के सत्यापन की कार र्वाई एक माह के अंदर पूरी कर सरकार को प्रतिवेदन भेज दी जायेगी। ऑपरेशन भूमि दखल दहानी/अभियान बसेरा की समीक्षा में पाया गया कि सरजमीनी सेवा का ऑनलाइन रिपोर्ट अंचलों द्वारा अपलोड नहीं किया जा रहा है तथा इसका पर्यवेक्षण भी नहीं किया जा रहा है। इस संदर्भ में मंत्री महोदय द्वारा ऑनलाइन रिपोर्ट शीघ्र अपलोड करने तथा इसका नियमित तौर पर पर्यवेक्षण करने का निदेश दिया गया। मंत्री ने कहा कि अभियान बसेरा के तहत वितरित पर्चे से संबंधित भूमि का भौतिक सत्यापन किया जाना भी अतिआवश्यक है। इस बैठक में मंत्री, राजस्व सहित निदेशक- सह- विशेष सचिव, अपर समाहर्ता संयुक्त निदेशक, भू-अर्जन, सहायक निदेशक, भू-अर्जन एवं राजस्व, बिहार, सभी एसडीओ/डीसीएलआर/अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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