30 मिलियन महिलाएं रजोनिवृति ओस्टीयोपोरोसिस बीमारी के गिरफ्त में, बचाव के लिए नियमित कराये बी एम डी जाँच कुमार: डॉ0 उमेश

 ब्यूरो रिपोर्ट प0 चंपारण बेतिया। प0 चंपारण जिला के बेतिया शहर में एक निजी होटल के सभागार में विगत शाम आईएमए के तत्वधान में आस्टियोपोरोसिस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस समारोह के वक्ता हड्डी,जोड़,रीढ़ एवं नस रोग विशेषज्ञ आईएमए जिला मीडिया प्रभारी सह बिहार ओर्थोपेडिक एसोसिएसन के जिला सचिव डॉ0 उमेश कुमार ने बताया कि लगभग 30 मिलियन भारतीय महिलाऐ रजोनिवृति आस्टियोपोरोसिस बिमारी के गिरफ्त में आ चुकी है। आम तौर पर महिलाओ में 40 से 45 वर्ष की उम्र में रजोनिवृति के लक्षण आना शुरू हो जाता है। इस उम्र के बाद इस्ट्रोजन हारमोन की कमी शुरू हो जाती है। जिसमे हड्डियो में फ्रेक्चर आदि प्रमुख है। डॉ0 उमेश कुमार ने आगे बताया कि इस बीमारी के बचाव एवं ईलाज हेतु सुबह टहलना, नियमित व्यायाम करना, नियमित बीएमडी जाँच करना, डॉक्टर के सलाह पर कैल्सियम एवं विटामिन डी थ्री की दवा लेना अनिवार्य है। वही स्त्री विशेषज्ञ डॉ0 रश्मि ने बताया कि उक्त बीमारी के ईलाज में हारमोन सिप्लेस्मेंट थेरेपी वरदान साबित हो सकता है। वही उन्होंने मैग्नीशियम के महत्व को विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए बताया कि मैग्नीशियम गर्भवती महिलाओ में हृदय रोगी में, आस्टियोपोरोसिस मरीज में, डायविटीज रोगी में अति महत्वपूर्ण है। आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ0 प्रमोद तिवारी ने इस प्रकार के संगोष्ठी को समाज के लिए जरूरी बताते हुए वक्ताओं को धन्यवाद दिया। इस मौके पर आईएमए जिला सचिव डॉ0 अंजनी कुमार, डॉ0 इंतेशारुल हक, डॉ0 उपेन्द्र, डॉ0 नासिर अली खान, डॉ0 साबिर नासिर, डॉ0 कुमकुम, डॉ0 एस क्योलियार, डॉ0 शिवशंकर, डॉ0 अनिल, डॉ0 राकेश, डॉ0 दिलीप, डॉ0 अनवर, डॉ0 सौरभ, डॉ0 दिनेश राय, डॉ0 सन्तोष कुमार, डॉ0 रूबी, डॉ0 दिवाकर प्रसाद, डॉ0 शिल्पी रंजन सहित जिले के 50 से ज्यादा चिकित्सक उपस्थित रहे।

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