शिक्षा विभाग के लापरवाही और बैंको कि मनमानी–प्रो0 परवेज आलम

 ब्यूरो रिपोर्ट प0 चंपारण .बेतिया। शिक्षा विभाग के लापरवाही और बैंको कि मनमानी के कारण हजारों सरकारी स्कूल के छात्र छात्रा पोसाक राशि और छात्रवृति राशि पाने सवंचित हो रहे हैं। जैसा कि प्रति वर्ष हर सरकारी विध्यालयो से प्रथम वर्ग से लेकर उपरी वर्ग तक के छात्रों कि सुचि जिनकी वर्ग में 75 फीसदी उपस्थिति है उनकी सुचि शिक्षा विभाग मांगती है और सुचि के आधार पर पोशाक और छात्रवृति कि राशि स्कूलो के खाते में आता है और स्कूल के खाता वो राशि छात्रों के खाता में भेजा जाता है। परंतु सभी छात्रों का खाता उप्लब्ध नहीं होने के कारण अधिकांश 10 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को इस का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कारण बैंक 10वर्ष से कम आयु वाले छात्रों का खाता नहीं खोल रहे हैं और निर्धारित समय के अंदर छात्रों के खाता में राशि नहीं जाने के कारण शिक्षा विभाग स्कूल खाता में बचे सभी शेश राशि वापस ले लेती है और बिना खाता वाले छात्रों को पोशाक और छात्रवृति कि राशि नहीं मिल पाता है। आखिर इसके जिम्मेदार कौन है। अगर सरकार इन सभी छात्रों को इसका लाभ देना चाहती है। तो शिक्षा विभाग सभी बैन्को पर ये दबाव बनाये कि 10 वर्ष से कम उम्र के छात्रों जो अधिक पहला दूसरा और तिसरे वर्ग के होते हैं। इनका खाता बैन्को में खुले और वंचित छात्रों को भी इसका लाभ मिल सके। इस जिले के जिला पदाधिकारी महोदय और जिला शिक्षा पदाधिकारी से अनुरोध है। इस समस्या का समाधान करने कि कृपा करें। उक्त बाते एनसीपी के जिलाध्यक्ष प्रो. परवेज़ आलम ने कहा।

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