अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के विकास के लिए सरकार कृतसंकल्प मुख्यमंत्री !

 ब्यूरो रिपोर्ट प0 चम्पारण बेतिया। मुख्यमंत्री, बिहार, नीतीश कुमार ने बिनवलिया (हरनाटांड़) में भारतीय थारू कल्याण महासभा के 40 वें महाधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उत्थान एवं सर्वांगीण विकास हेतु सरकार कृतसंकल्पित है। अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए सरकार द्वारा अनेकों योजनाएं चलायी जा रही है। उन्होंने कहा कि थारू समाज की महिलाएं पहले से ही सशक्त हैं। महिलाओं की सशक्तीकरण हेतु राज्य में
कई कदम उठाये गये हैं जिसमें बिहार देश में पहला राज्य है जहां महिलाओं को 50 प्रतिशत
आरक्षण का लाभ दिया गया। उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिला में अनुसूचित जनजातियों में
थारू समुदाय की बहुलता को देखते हुए समेकित थरूहट विकास अभिकरण की स्थापना वर्ष 2009
में किया गया है और इसके तहत थारू समुदायों के बीच विभिन्न प्रकार के विकास के कार्यक्रम
चलाये जा रहे हैं। पश्चिम चम्पारण जिला में थरूहट पंचायत में 5 अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय भवन का निर्माण कार्य प्रति आवासीय विद्यालय 13.75 रूपये की लागत से बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड, पटना द्वारा पूर्ण करायी गयी है। जिसमें बगहा-2 प्रखंड के बैरागी सोनवर्षा पंचायत में अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय, कदमहवा का निर्माण, गौनाहा प्रखंड के बेलसंडी पंचायत में अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय, बेलसंडी का निर्माण, गौनाहा प्रखंड में ही धमौरा पंचायत में अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय, धमौरा का
निर्माण, रामनगर प्रखंड में सपही मधुबनी पंचायत में अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय,
मधुबनी का निर्माण तथा प्रखंड मैनाटांड़ में डमरापुर पंचायत में अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च
विद्यालय, भिरभिरिया दुधौरा का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि थरूहट बाहुल्य क्षेत्रों के कुल 21 विद्यालयों में खेलकूद सामग्री का वितरण किया गया है। वहीं युवा कौशल विकास योजना अंतर्गत थरूहट क्षेत्र के युवक-युवतियों को कम्प्यूटर, सिलाई-कटाई, इलेक्ट्रीशियन, ड्रेस मेकिंग, सिक्यूरिटी गार्ड आदि ट्रेडों में व्यवसायिक
प्रशिक्षण प्रदान कराया गया है। जिसमें से प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियों को विभिन्न कंपनियों द्वारा रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। थारू नेताओं के द्वारा अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण का मुद्दा उठाये जाने पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बताया गया कि आरक्षण का लाभ आबादी के आधार पर ही दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नौरंगिया गोलीकांड से वे अत्यंत दुखी है और उस कांड के पीड़ितों को सरकार द्वारा नियमों को शिथिल कर मुआवजे की राशि का भुगतान कराया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा सात निश्चय योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में किये गये विकास कार्यों का उल्लेख भी किया गया। उन्होंने कहा कि हर टोलों में बिजली पहुंचा दी गयी है और हर घर में बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को शीघ्र ही प्राप्त कर लिया जायेगा। हर घर में नल का जल, शौचालय का निर्माण आदि की दिशा में बहुत तेजी से कार्य हो रहा है और जल्द ही संपूर्ण चंपारण क्षेत्र खुले में शौचमुक्त हो जायेगा। उन्होंने कहा कि स्कूली छात्र-छात्राओं के कल्याण के लिए साईकिल योजना, पोशाक योजना का राज्य में क्रियान्वयन लगातार जारी है। महिलाओं की मांग पर राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी है। बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लड़की के जन्म लेने पर पहले परिवार उसे बोझ समझते थे इसी उद्येश्य से सरकार लड़कियों के उत्थान के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है। जिसमें कन्या सुरक्षा योजना, कन्या विवाह योजना, कन्या उत्थान योजना आदि प्रमुख है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के प्रोत्साहन के लिए सरकार द्वारा एक नई योजना लायी गयी है जिसमें बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उतीर्ण होने पर उन्हें 50 हजार रूपया एवं यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उतीर्ण होने पर 1 लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की जायेगी ताकि वे इसके आगे की मुख्य परीक्षा में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि वन क्षेत्र अत्यंत ही मनोरम स्थल है। यही कारण है कि साल में कम से कम एक बार वे जरूर यहां आते हैं। अपने संबोधन में थारू समाज से आने वाले श्री गढ़वाल ने विभिन्न क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया जिसमें थरूहट क्षेत्र में एक अलग विधानसभा क्षेत्र का गठन, बगहा-2 प्रखण्ड का मुख्यालय सिधाव में स्थांनातरण, वन भूमि अधिनियम 2006 एवं 2012 के तहत वन भूमि का उपयोग कर रहे लोगों को बासगीत का पर्चा दिलाने, दोन कैनाल क्षेत्र में लिफ्ट इरीगेशन की व्यवस्था करने, एनएच-28 का पुरानी सड़क होकर ही निर्माण करने, थरूहट क्षेत्र में संचालित कॉलेज का अधिग्रहण करने, सहोदरा मेला को आदिवासी मेला के रूप में मान्यता प्रदान करने तथा थरूहट में अवैध बालू खनन पर रोक लगाने की मांग शामिल है। वहीं अन्य प्रतिनिधियों ने भी गन्ना किसानों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का क्रियावन्यन करने का मांग किया गया। इसके पूर्व माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्जवलित कर भारतीय थारू कल्याण महासभा के 40 वें महाधिवेशन का उद्घाटन किया गया। तदुपरांत थारू छात्राओं द्वारा स्वागत गान का प्रदर्शन किया गया तथा थारू महिलाओं द्वारा पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर गन्ना विकास मंत्री, खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, स्थानीय सांसद, सतीश चंद्र दूबे, स्थानीय विधायक, धीरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह, लौरिया विधायक, विनय बिहारी, पूर्व एमपी, बैद्यनाथ महतो, कैलाश महतो, पूर्व एएलए, राजेश सिंह, सतीश सिंह, थारू कल्याण महासभा के सचेतक, श्रीमती चन्द्रकांति देवी, अध्यक्ष, दीपनारायण प्रसाद, जिला परिषद अध्यक्ष-सह-महामंत्री, शैलेन्द्र गढ़वाल, अन्य गणमान्य व्यक्ति/जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। इस सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सम्मिलित हुए जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। सभा को संबोधित करने वालों में गन्ना मंत्री, सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष के नाम शामिल है। मंच का संचालन थारू वर्ग के सेवानिवृत कर्मी, रमेन्द्र गौरव ने किया। मुख्यमंत्री की सभा में सरकार के मुख्य सचिव, अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव, अतीश चन्द्रा, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी, गोपाल सिंह, जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, डॉ0 निलेश रामचंद्र देवरे, पुलिस अधीक्षक, बगहा, अरविन्द कुमार गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा, घनश्याम मीणा, जिलास्तरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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