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May 24, 2018
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 ब्यूरो रिपोर्ट प0 चम्पारण नौतन। बलात्कार एवं छेड़छाड़ के विरुद्ध किशोरियों एवं बालिकाओं को सशक्त बनाने एव॔ शोषण के विरूद्ध आवाज उठाने हेतु प्रेरित करने के लिए राजकीयकृत म० वि० संत पुर उर्दू कन्या और प्राथमिक विद्यालय उर्दू बालक संत पुर में छात्राओं के लिए कार्यशाला का आयोजन राज्य साधनसेवी मेरी एडलीन के द्वारा किया गया। कार्यशाला में मेरी एडलीन ने तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा किया। प्रथम बच्चियों को गुड टच और बैड टच की जानकारी होना, दूसरा हमेशा अवेयर रहना, सजग और जागरूक बनाना, और तीसरा आत्मरक्षा के गुर उपाय की जानकारी रखना। इसी क्रम में दोनों विद्यालय की छात्राओं को कार्यशाला के माध्यम से सशक्त बनाने हेतु मेरी एडलीन के द्वारा बालिकाओं को तरह- तरह के उदाहरण देते हुए गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया गया कि किसी भी बच्ची या औरत के शरीर के कौन- कौन से प्राइवेट अंग है जिसे छूने का अधिकार किसी भी पुरुष को नहीं है, चाहे वह पुरुष अपना सगा भाई, पिता या रिश्तेदार ही क्यों न हो। अगर उस अंग कोई पुरुष गलत नियत से छूता है तो वह बैड टच है। इसके लिए बच्चियों को स्वयं सजग रहना है और अगर कोई पुरुष उसके साथ गलत हरकत करता है, गलत तरीके से उसे छूता है तो तुरंत उसका विरोध करे उसके खिलाफ आवाज उठाये। मेरी एडलीन ने छात्राओं को बलात्कारियों या बदमाश लोगों से बचने के लिए टिप्स देते हुए समझाया कि घर में, विद्यालय में, सफर में या कहीं भी अगर कभी भी उसके साथ या किसी और लड़की, बच्ची के साथ कोई लड़का, पुरुष गलत करने की कोशिश करता है तो वह सबसे पहले उसका विरोध करें, शोर मचाएं, चीखें चिल्लाए और लोगों को इकट्ठा करें। फिर अपने लोगों को जानकारी दे कि उसके साथ गलत किया जा रहा था। लड़कियां कोशिश करे अकेले में सुनसान स्थानों में न घूमे। किसी भी पुरुष के गलत बहकावे में न आये और किसी पराये पुरुष से सुनसान, अनजान जगह पर न मिले। सफर करते समय हमेशा सावधान रहें और पास में बैठे किसी भी पुरुष के द्वारा अगर गलत हरकत किया जा रहा हो तो डटकर उसका विरोध करें। इन सब बातों को अपनाने, सीखने के लिए सबसे पहले अपना झिझक तोड़े, शर्म हटाये। ये न सोचें अगर हम अपने साथ हो रहे गलत हरकतों आदि के बारे में किसी को बताएगे तो लोग क्या कहेंगे? इन सब बातों को त्यागकर आगे बढ़े और आवाज उठाये। तालीमी मरकज के शिक्षा स्वयंसेवी सजबुन खातुन अमिता कुमारी ने कही कि आज की कार्यशाला से छात्राओं का मनोबल निश्चित तौर पर बढ़ेगा। साथ ही बच्चियों को अपनी आत्मरक्षा अपना बचाव कैसे करना है इन सबकी भी जानकारी मिली जो बच्चियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाएगा। विद्यालय की शिक्षिका सहनाज खानम व मैरूल नेशा ने कहा कि बच्चियों को बहुत सारी जानकारियां मिली है जिससे वे छेड़छाड़, दुष्कर्म, बलात्कार जैसी बुरी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्ररित किया गया। मौके पर प्रधानाध्यापक नगीना दास, अनिरुद्ध प्रसाद, तलअत जवी, रोजी खातुन, रंजीता कुमारी, रूशदा, फातमा, अंजलि भारती, पुष्पा, जोसेफ, संदीप पांडे, अख्तरी बेगम, जितेंद्र दुबे, शमा परवीन सहित कई उपस्थित रहे।