हर हर महादेव के नारे से गुंजायमान हुआ नगर।

    चन्दन कुमार सिंह की रिपोर्ट कैमूर :महाशिवरात्रि (बोलचाल में शिवरात्रि) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है।
मोहनिया में श्रद्धालुओं ने बाइक रैली निकाली जिसमे सभी ने हिस्सा लिया मानो आज कोई राजनैतिक पार्टी नहीं कोई चर्चा नहीं बस एक रंग भगवा एक ही चर्चा हर – हर महादेव । इस रैली में कैमूर के उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, मोहनिया विधायक निरंजन राम, एम एल सी संतोष सिंह, भाजपा कार्यकारणी सदस्य शत्रुंजय सिंह (छोटन), कांग्रेस प्रत्यासी संजय पासी, दिना सिंह सहित हजारो श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। रैली भभुआ रोड स्थित जगेश्वर नाथ मंदिर से प्रारम्भ हुआ जो चांदनी चौक होते हुए नेशनल हाइवे पर स्थित बरेज गाँव से होकर वापस चांदनी चौक होते हुए डडवां स्थित माँ दुर्गा मंदिर पर खत्म हो गया।
हालाँकि इस रैली के कारण लगभग 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक ट्रैफिक की रफ़्तार थम सी गई थी जिसे मोहनिया थाना प्रभारी मनोज कुमार और सी ओ राकेश कुमार सिंह ट्रैफिक को नियंत्रित करते रहे ।
वही शाम 3 बजे से बाबा अड़भंगि की बारात निकाली गई जिसमे तरह तरह के किरदारों की झांकी देखने वालों की भीड़ टूट पड़ी। पुराणों की मान्यता का अनुसरण करते हुए बारात में भुत, बिच्छू, सांप, बैल ,घोड़े इत्यादि ने हिस्सा लिया।
# कब मनाया जाता है महाशिवरात्रि।
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरम्भ अग्निलिंग ( जो महादेव का विशालकाय स्वरूप है ) के उदय से हुआ। अधिक तर लोग यह मान्यता रखते है कि इसी दिन भगवान शिव का विवाह देवि पार्वति के साथ हुआ था। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि की सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

कश्मीर शैव मत में इस त्यौहार को हर-रात्रि और बोलचाल में ‘हेराथ’ या ‘हेरथ’ भी जाता है।

# क्या होती है पूजा की विधि।

इस अवसर पर भगवान शिव का अभिषेक अनेकों प्रकार से किया जाता है। जलाभिषेक : जल से और दुग्‍धाभिषेक : दूध से। बहुत जल्दी सुबह-सुबह भगवान शिव के मंदिरों पर भक्तों, जवान और बूढ़ों का ताँता लग जाता है वे सभी पारंपरिक शिवलिंग पूजा करने के लिए आते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं। भक्त सूर्योदय के समय पवित्र स्थानों पर स्नान करते हैं जैसे गंगा, या (खजुराहो के शिव सागर में) या किसी अन्य पवित्र जल स्रोत में। यह शुद्धि के अनुष्ठान हैं, जो सभी हिंदू त्योहारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पवित्र स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहने जाते हैं, भक्त शिवलिंग स्नान करने के लिए मंदिर में पानी का बर्तन ले जाते हैं महिलाओं और पुरुषों दोनों सूर्य, विष्णु और शिव की प्रार्थना करते हैं मंदिरों में घंटी और “शंकर जी की जय” ध्वनि गूंजती है। भक्त शिवलिंग की तीन या सात बार परिक्रमा करते हैं और फिर शिवलिंग पर पानी या दूध भी डालते हैं।

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