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February 25, 2018
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पुर्णिया, मनोज मिश्रा: पुर्णिया जिला में चिकत्सा के नाम पर डॉक्टर एवं जांच घरो की फर्जी वारा तो चल ही रहा , अब एक कारनामा ब्लड बैंक का सामने आया है . पुर्णिया में संचालित ब्लड बैंक दलालो के शिकंजे में जकड़ा जा चुका है .ब्लड बैंक की कारगुजारी के काले कारनामा की बात करे तो हम बता दे कि बेल्ड बैंक का खूनी खेल का यह आगाज सरकारी दफ़्तत्तर से शुरू होकर प्रवेइट डॉक्टरों की नर्सिगं होम के कर्मचारियों एवं ब्लड बैंक के कर्मी के साथ साथ लाईन बाजार स्थित पान , चाय बेचने वालों जैसे दुकानदार के हाथों खूनी खेल को अंजाम दिया जा रहा है . ताजा उदारण यह है की स्त्री एवं प्रसूति रोग चिकित्सा पदाधिकारी सदर अस्पताल के डॉक्टर शिवानी सिंह के प्राइवेट क्लिनिक में नॉर्मल डिलवरी कराने के नाम पर महिला को एडमिट कराया गया , नॉर्मल डिलवरी के टिक एक घण्टे के बाद एम बी बी एस डॉक्टर शिवानी सिंह ने परिजन को बताया की पसेन्ट को ए बी निगेटिव ब्लड ऑपरेशन के दौरान चढ़ाया जयेगा . डॉक्टर ने परिजन को बातया की ईसु करने में अंदरूनी जख्म हो गया है जिस कारण ब्लड का ज्यादा बहाव हो चुका है . परिजन ब्लड की व्यवस्था में रेड क्रॉस पहुँचे रेड क्रॉस कर्मी ने ए बी निगेटिव खून स्टॉक में नही होने की बात कर पल्ला झाड़ लिया . परिजन जब ए बी निगेटिब ग्रुप बाले एक पहचान का खून रेडक्रॉस में जांच कराने में कर्मियों ने इस ग्रुप को बी पोजेटिव बताया . जब की खून डोनेट करने वालो ने अपना ए बी निगेटिब खून होने का सरकारी परमान भी दिखाया रेडक्रॉस कर्मी ने डोनेट करने वालो का खून चेंज होने की बात कर पल्ला झाड़ लिया . परिजन ने चिकित्सक के सामने ब्लड बैंक में खून उपलब्ध नही होने की लाचारी जाहिर की तो डॉक्टर शिवानी सिंह ने 6000 हजार रुपये में डोनेट होने की बात बताई खून का सौदा 5000 हजार में तय हो गया . पैसा जमा करते ही दो घण्टो से खून की तलाश सिर्फ 5 मिनट में उसी रेड क्रॉस से ही पूरा कर दिया गया .
[9:55 AM, 2/12/2018] +91 95729 29586: इन सभी घटना क्रम को देखने के बाद सवाल तो लाजमी है की क्या 5 मिनट में कैसे डॉक्टर खून डोनेट करने वालों को बुलाकर शरीर से खून निकाल कर चिल्ड बल्ड परिजन को थमा दिया . और उस खून की पाकेट पर रेडक्रॉस कर्मी उस चिल्ड ब्लड पर आज का तरीका लिख कर परिजन को थमाया .