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February 24, 2018
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ब्यूरो रिपोर्ट प0 चंपार बेतिया। छात्रों की ऑनलाइन एक्टीविटिज का भी होगा पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण, ब्लू व्हेल चैलेंज गेम तथा इसके सदृश अन्य इंटरनेट गेम के दुष्प्रभावों के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने का निदेश राज्य सरकार के मुख्य सचिव द्वारा जारी की गयी है। ज्ञातव्य हो कि इंटरनेट पर ब्लू व्हेल चैलेंज गेम तथा इसके समान अन्य कई ऑनलाइन गेम आसानी से उपलब्ध है। जो बच्चों तथा किशोरावस्था के छात्रों के लिए अत्यंत की खतरनाक है। ब्लू व्हेल चैलेंज गेम खेलने के क्रम में कई बच्चों द्वारा आत्महत्या तक कर ली गई है। ब्लू व्हेल चैलेंज गेम ऐसे छात्रों/किशोरों को लक्षित करता है जो अंतर्मुखी और अवसाद से ग्रसित होते हैं। इस गेम के अनेकों पड़ाव है। जिसके अंतिम चरण में खिलाड़ी को आत्महत्या करने को प्रेरित किया जाता है। सरकार द्वारा इस खतरे को गंभीरता से लिया गया है और इस पर रोक लगाने हेतु ऐहतियाती उपाय बरतने का निदेश दिया गया है। बच्चों के माता-पिता/अभिभावकों तथा विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को इस प्रकार के ऑनलाइन गेम के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक होनी चाहिये ताकि वे अपने बच्चों पर विशेष नजर रख सकेंगे। वे बच्चों को ऐसा करने से रोकेंगे ताकि इस प्रकार के गेम के एडमिनस्ट्रेटर के उकसावे में आकर वे कोई ऐसा कार्य न कर बैठे जो उनके तथा समाज के हित में न हो। छात्र-छात्राओं को इस प्रकार के ऑनलाइन गेम से सुरक्षित रखने तथा विद्यालय परिसर/स्कूल बसों में इंटरनेट उपयोग के संबंध में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा भी कई निर्देश जारी किये गये हैं। बताया गया है कि छात्रों को इंटरनेट के सुरक्षित एवं प्रभावकारी उपयोग हेतु शिक्षित किया जाय। इंटरनेट उपयोग के संदर्भ में मान्य नियमों के संबंध में छात्रों को जागरूक किया जाय। इसके साथ ही फायरवॉलस, फिल्टरिंग, परेन्टल कंट्रोल, एंटीवायरस तथा मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर को सभी कम्प्यूटर में इंस्टॉल कराया जाय एवं फिल्टरिंग तथा ब्लॉकिंग प्रक्रिया का नियमित रूप से अनुश्रवण किया जाय तथा इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार की अवांछित सामग्रियों को ब्लॉक किया जाय। अभिभावकों/शिक्षकों से अपेक्षा की गई है कि वे छात्रों की ऑनलाइन एक्टीविटिज का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण करेंगे। छात्रों को पूर्व से चयनित सुरक्षित वेबसाइट्स के एक्सेस की ही अनुमति दिये जायें। शिक्षकों/कर्मियों/अभिभावकों को सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग के नियमों के संबंध में जागरूक किये जायें। अवांछित सामग्रियों को एक्सेस करने पर अथवा फिल्टरिंग की व्यवस्था का उल्लंघन करने पर कड़ा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।