तिन दिनों तक शीत लहर से राहत नही

समस्तीपुर से लक्ष्मी प्रसाद/उदय कुमार
पुसा। मौसमीय वेद्यशाला पूसा के आकलन के अनुसार पिछले तीन दिनों का ओैसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमषः 14.2 एवं 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सूर्य प्रकाष अवधि औसतन 3.5 घन्टा प्रति दिन रिकार्ड किया गया । इस अवधि में मौसम षुष्क रहा।
  ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, पूसा, समस्तीपुर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ ए सत्तार के अनुसार पूर्वानुमानित अवधि में उत्तर बिहार के जिलों में अगले 2-3 दिनों तक शीत-दिन की स्थिति बन सकती है। हलॅाकि, इस अवधि में दिन के तापमान में हल्का सुधार हो सकता है। अगले दो-तीन दिनों तक सुबह में मध्यम से घना कुहासा छा सकता है। न्यूनतम तापमान के सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है, जिसके चलते अत्यधिक ठंढ़ तथा षीतलहर बने रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान के अधिक गिरावट होने की संभावना के कारण खेतों में पाला का असर हो सकता है।
 इस अवधि में अधिकतम तापमान के 15 से 18 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
औसतन 5 से 7 कि0 मी0 प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा चलने की संभावना है।
सापेक्ष आर्द्रता सुबह में करीब 90 से 95 प्रतिषत तथा दोपहर में 55 से 65 प्रतिषत रहने का अनुमान है।
समसामयिक सुझाव
आम और लीची के बाग में सिंचाई तथा कर्षण क्रिया (निराई-गुड़ाई) नहीं करे। ऐसा करने से पेड़ों में पुष्पण की क्रिया प्रभावित होगी।
फूलांवाली फसलों में नमी बनाये रखें तथा रीडोमिल नामक दवा का 1.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर 10-15 दिनों के अन्तराल पर छिड़काव करने से पौधों को पाले के प्रकोप से बचाया जा सकता है।
कम तापमान को घ्यान में रखते हुए आलू, गेहुॅं, मक्का, पपीता, केला एवं सब्जियों वाली फसलों को कम तापमान से बचाव हेतु खेतो में उपयुक्त नमी बनाये रखे।
आलू, टमाटर में झुलसा रोग की नियमित रुप से निगरानी करें। झुलसा रोग का प्रकोप फसल में दिखने पर इसके बचाव हेतु डायथेन एम0-45, 1.5 ग्राम या रिडोमिल नामक दवा का 1.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बना कर छिड़काव करें। आवश्यकतानुसार 10-15 दिनों के अन्त्तराल में सिंचाई करें।
बिलम्ब से बोयी गयी गेहॅू की फसल जो 21 से 25 दिनों की हों गयी हो उसमें सिंचाई कर 30 किलो नेत्रजन प्रति हेक्टेयर की दर से उपरिवेषन करें।
गेहूँ की फसल जो 40 से 50 दिनों की हो गई है तो उसमे दूसरी सिंचाई कर 30 किलोग्राम नेत्रजन का प्रति हेक्टेयर की दर से उपरिवेशन करें। गेहूॅ की फसल में यदि दीमक का प्रकोप दिखाई दे तो बचाव हेतु क्लोरपायरीफॉस 20 ई0 सी0 2 लीटर प्रति एकड़ 20-25 किलोगा्रम बालू में मिलाकर खेत में शाम को छिड़क दें एवं सिंचाई करें।
प्याज का पौध जो कि 50-55 दिनों का हो गया हो, तैयार क्यारी में पाँक्ति से पाँक्ति की दुरी 15 से0मी0, पौध से पौध की दुरी 10 से0मी0 पर रोपाई करें। पौध की रोपाई्र अधिक गहराई में नहीं करें। रोपाई के 10-15 दिनों पूर्व 15-20 टन गोबर की खाद डाले। खेत की अन्तिम जुताई में 60 किलो ग्राम नेत्रजन, 80 किलो ग्राम फॉंसफोरस, 80 किलो ग्राम पोटास तथा 40 किलो ग्राम सल्फर प्रति हेक्टेयर का व्यवहार करें।
आज का अधिकतम तापमानः 17.0 डिग्री सेल्सियस, सामान्य 4.9 डिग्री सेल्सियस कम
आज का न्यूनतम तापमानः 5.8 डिग्री सेल्सियस, सामान्य
2.0 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

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