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April 25, 2018
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     ब्यूरो रिपोर्ट प0 चंपारण  बेतिया। आज के समय में भाग दौड़ की रोजमरा जिन्दगी में हमारे शरीर पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हमारे शरीर में अनेक प्रकार के छोटे-बड़े नस में रक्त का रफ़्तार धीमे-तेज हो जाते है। जिससे हमारे जीवन शैली पर भी असर दीखता है। नस में रक्त का रफ़्तार धीमे-तेज हो जाने से कई तरह के बीमारी के शिकार हो जाते है। खास कर लोगो का ध्यान एलोपैथ की तरफ जाता है जो की बीमारी को तो ठीक कर देता है लेकिन बीमारी को जड़ से खत्म नही करता है। जिससे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस पद्धति द्वारा शरीर के नस में रक्त संचार सुचारू रूप से कार्य करता है। उक्त बाते कोतवाली चौक स्थित एसजीएल हेल्थ सिटी के डॉ0 शशि रंजन कुमार( एमबीबीएस/एएमआरएफ) ने कहा। उन्होंने आगे कहा कि अल्टरनेटिव मेडिसिन वैकल्पिक चिकित्सा के साथ हमारे यहा जैपनीज टेक्नोलॉजी के द्वारा मरीजो का इलाज थरैपि से घुटना दर्द, कमर दर्द, किडनी, मूत्र संबंधित रोग, ब्लड प्रेसर, टीवी आदि रोगों का लाइज संभव है। इस पद्धति द्वारा लोगो के जीवन शैली की अनियमितता, खाना पोषाहार युक्त आदि का ससमय अनुसार लेने से कई रोगों को इलाज किया जा सकता है। इस पद्धति में मुखयतः थरैपि, सन्तुलित आहार लेना, प्राकृतिक के गोद में हर तरह की व्यवस्था मौजूद है। जिससे मनुष्य रोगमुक्त रह सकता है।