एनएमसी बिल के खिलाफ सरकारी एवं प्राइवेट चिकित्सको ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया

 

सरकारी एवं प्राइवेट चिकित्सको ने सरकार के द्वारा लाए गए गरीब विरोधी, डॉक्टर विरोधी एवं समाज विरोधी एनएमसी बिल के खिलाफ रोष प्रकट किया

ब्यूरो रिपोर्ट प0 चंपारणबेतिया। राष्ट्रीय आई0 एम0 ए0 के आवाहन पर पश्चिमी चंपारण आईएमए के सरकारी एवं प्राइवेट चिकित्सको ने सरकार के द्वारा लाए गए गरीब विरोधी, डॉक्टर विरोधी एवं समाज विरोधी एनएमसी बिल के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए अपने अपने नर्सिंग होम एवं क्लिनिक को पूर्णता बंद रखा। सरकारी अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवा ही बहाल रहा। इस एनएमसी बिल में बहुत सारी खामियां है:- इस बिल के लागू होने पर एक आयुष चिकित्सक का 6 महीना के ब्रिज कोर्स करके आधुनिक एलोपैथिक पद्धति से इलाज कर सकता है, भारत देश में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद प्रेक्टिस करने के लिए एक पुन: नेक्स्ट एग्जाम से गुजरना होगा। जबकि विदेश से एमबीबीएस/ एमडी करने के बाद कोई टेस्ट दिए बिना प्रैक्टिस कर सकता है। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के 40% सीट पर ही सरकारी कोटा से नामांकन होगा, बल्कि 60 प्रतिशत सीट पर कॉलेज प्रशासन का अधिकार होगा। डॉक्टर अपने प्रतिनिधि का चुनाव कर इस एन एम सी में नहीं भेज सकेंगे। आयुष चिकित्सक भी एलोपैथिक मेडिसिन की एमडी/ एमएस परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं राज्य सरकार भी इस एन सी सी में किसी को नॉमिनेट नहीं कर सकते हैं। सभी स्टेट मेडिकल काउंसिल अब सीधे एनएमसी के कंट्रोल में कार्य करेंगे। एनएमसी में केवल सरकार द्वारा नामित अध्यक्ष एवं सदस्य होंगे। एमसीआई को पूर्ण रूप से हटा दिया जाएगा। आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ प्रमोद तिवारी ने कहा कि आई एम ए चिकित्सा विज्ञान के साथ एनएमसी सहीत केंद्र सरकार के विभिन्न गलत फैसलों से उत्पन्न विषम स्थिति का निराकरण किए बिना जिस प्रकार एनएमसी बिल सरकार द्वारा जल्दीबाजी में लाया गया है उस की घोर निंदा करती है। आई एम ए जिला मीडिया प्रभारी डॉक्टर उमेश कुमार ने कहा कि राज्य की जनता से अनुरोध है कि वह भी चिकित्सा क्षेत्र के साथ हो रहे अन्याय का विरोध करें। आईएमए संयुक्त सचिव डॉ0 इंतेशारुल हक ने कहा कि एन एम सी बिल में सुधार सरकार के द्वारा नहीं किया गया, तो भविष्य में हम अपने संघर्ष को और तीव्र करने पर बाध्य होंगे। संयुक्त सचिव डॉक्टर मोहनीस सिन्हा ने कहा कि आयुष चिकित्सकों को आधुनिक एलोपैथिक पद्धति से इलाज करने लायक बनाने हेतु जो एनएमसी बिल का गठन किया गया है। उससे भारत में आधुनिक शिक्षा का स्तर गिर जाएगा। संयुक्त सचिव डॉ0 सनी कुमार सिंह ने बताया कि इस एन एम सी बिल के आने से प्राइवेट कॉलेज की मनमानी और बढ़ेगी। आई एम ए कमेटी सदस्य डॉ रमेश चंद्रा ने इस बिल को गरीब विरोधी बताते हुए कड़ी निंदा की है। इस धरना प्रदर्शन में डॉक्टर उमेश कुमार, डॉक्टर मोहनिस कुमार, डॉक्टर इंतेशारुल हक, डॉक्टर सौरभ, डॉक्टर वीरेंद्र, डॉ0 शिवशंकर, डॉक्टर रमेश चंद्रा, डॉक्टर अनिल, डॉक्टर जितेंद्र, डॉ0 सन्नी सिंह एवं बेतिया के सभी डॉक्टर उपस्थित रहे।

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