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December 16, 2017
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 इस कार्यशाला का विधिवत उद्वघाटन मुख्य अतिथि के तौर पर आये हुए मगध प्रक्षेत्र के आयुक्त श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव, जिला पदाधिकारी, गया श्री कुमार रवि, वरीय पुलिस अधीक्षक, गया श्रीमती गरीमा मल्लिक, उप विकास आयुक्त, गया श्री राघवेन्द्र कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक, गया श्री जगन्नाथ रेडडी एवं गया कॉलेज के प्रधानाचार्य, प्रो० (डॉ) शम्सुल इस्लाम ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्जवलित कर किया। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए गया कॉलेज, गया के प्रधानाचार्य, प्रो० (डॉ) शम्सुल इस्लाम ने कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया और राज्य सरकार के ‘‘दहेज प्रथा’’ एवं ‘‘बाल विवाह उन्मुलन के अभियान को सराहनीय कदम बताया। वहीं दूसरी ओर इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए गया नगर के पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ रेडडी ने कहा कि समाज का सोंच एवं मानसिकता को बदलना होगा तभी दहेज प्रथा एवं बाल विवाह समाज से उन्मुलन हो पायेगा। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए गया पुलिस के वरीय अधीक्षक श्रीमती गरीमा मल्लिक ने कहा कि दहेज प्रथा एवं बाल विवाह को रोकने की चुनौती को पुलिस विभाग को स्वीकार करना होगा और कानून के साथ समाज से मिलकर समाजिक कुरीतियों को दुर करने का प्रयास किया जाये। उन्होंने दहेज निषेध अधिनियम एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के सख्त कानून की जानकारी भी कार्यशाला में आये हुए प्रतिनिधियों को दिया। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए गया के जिला पदाधिकारी, श्री कुमार रवि ने कहा कि ‘‘दहेज प्रथा’’ एवं ‘‘बाल विवाह’’ लंबे समय से समाज में व्याप्त है इसे मिलकर ही समाप्त किया जा सकता है जो व्यक्ति ‘‘बाल विवाह’’ एवं ‘‘दहेज प्रथा’’ को सहायोग करने में लिप्त पाये जायेंगे उनपर कठोर कानुनी कारवाई किया जायेगा। इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए गया प्रक्षेत्र के आयुक्त श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि ‘‘दहेज प्रथा’’ एवं ‘‘बाल विवाह’’ के उन्मुलन का राज्य सरकार का अहवान समाजिक क्रांति का प्रतिक है, सरकार के इस संकल्प को सरकार कर्मी को पुरा करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘‘दहेज प्रथा’’ एवं ‘‘बाल विवाह’’ को रोकने के इस मुहिम को भी कार्यशाला में आये सभी प्रतिनिधियों को आगे बढ़ाना होगा एवं इसके खिलाफ अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलायें, दोषियों को चिन्हित कर दंडित करायें, बिहार सरकार की सर्वोच्य प्राथमिकता का यह अभियान है इसमें किसी भी तरह की कोई कोताही बर्दाशत नहीं किया जायेगा। इस कार्यशाला में ‘‘दहेज प्रथा’’ एवं ‘‘बाल विवाह’’ उन्मुलन के लिए लघु नाटक, बाल विवाह से सम्बंधित बालिकाओं ने अपनी आपबीती भी सुनाई एवं बाल विवाह रोकने के लिए एकता का अहवान भी किया। इस अवसर पर गया जिला प्रशासन के पदाधिकारी, बी.डी.ओ., सी. ओ., शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्वास्थ विभाग के अधिकारी, पुलिस अधिकारी, विकास मित्र, जीवीका की दीदी, सी.डी.पी.ओ., जन प्रतिनिधि, युनिसेफ के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।