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October 20, 2017
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डेस्क वर्ल्ड टी वी न्यूज

रामगढ़वा। महिलाओं को अकेले हज पर अकेले जाना सही नही है। उक्त बात जमीयत उलेमा ए हिन्द रक्सौल इकाई के सचिव मुफ़्ती ज्याउल हक ने कही। हज यात्रा पर जाने को लेकर जो नई हज नीति बनाई गई है। उस पर नाराजगी जताते हुए मुफ़्ती ज्याउल हक काशमी ने कहा कि महिला को बिना महरम के हज करना गैर शरई फैसला है। इस फैसला को लेने से पहले उसके बारे में जानना जरूरी है। इस्लाम मे हज एक इबादत है। जो अल्लाह औऱ रसूल के बताए हुए तरीके पर ही किया जाएगा। जिन लोगों ने ऐसी सिफारिश की है कि चालीस से ज्यादा साल की महिलाएं बगैर महरम के हज पर जा सकतीं हैं। वह हज जैसी पवित्र इबादत को टूर समझते हैं या उनको हज के बारे में कोई जानकारी नही है। मुसलमान सरकार के इस फैसले को कभी भी क़बूल नही करेंगे। इस तरीके के फैसले बिल्कुल शरीयत में दखल हौ। जमीयत उलेमा ए हिन्द इसकी मुखालफत करती है। और सरकार इस बात का मुतालबा करती है। के इस तरह के फैसले जम्हूरी मुल्क के लिए सही नही है।