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October 20, 2017
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:प्रेम कुमार हाजीपुर वैशाली

 

W.TV NEWS:-बिदुपुर प्रखंड जद (यू.) के प्रखंड अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद मुकेश की अध्यक्षता में जयंती समारोह का आयोजन किया गया!
राजेश्वर प्रसाद मुकेश ने लोकनायक के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कहा की बिहार के सारण जिला अन्तर्गत सिताब दियारा में 11 अक्टूबर 1902 को हुआ था! लोकनाय के पिता हरसु दयाल और माता का नाम फूल रानी देवी था ! उनकी विवाह किशोरावस्था में हीं चौदह वर्षीय प्रभावती दे कर दी गई ! विवाह के समय लोकनायक 18 वर्ष के ही थे ! वे पढ़ने में बचपन से ही मेधावी थे ! उन्होंने 1919 में मैट्रिक पास किए और उच्च शिक्षा के लिए 1922 में कैलिफोर्निया पहुचे ! 1929 को एम. ए. की डिग्री लिये ! लोकनायक जी पी.एच.डी. भी करना चाहते थे पर माँ की तबीयत बिगड़ की वजह से वे 13 अगस्त 1929 को यूनाईटेड स्टेट से भारत लौट आए ! जयप्रकाश जी ने अपनी पढाई पुरी करने के लिए गैरेज में कम किया, जूठे प्लेट धोये तथा कैनिंग फैक्ट्री में भी काम किये !
जजयप्रकाश नारायण 1929 में इंडियन नेशनल कॉंग्रेस में शामिल होकर देश को आजाद कराने का सपना देखने लगे !
महात्मा गाँधी के आह्वान पर 1942 में लोकनायक ने काफी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया !
वर्ष 1947 से 1953 तक ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के अध्यक्ष रहे ! 1954 से 1974 तक वे आचार्य विनोवा भावे के साथ रहे !
पूर्व बीस – सूत्री अध्यक्ष अनिल कुमार चौरसिया ने लोकनायक को दहेज़ प्रथा और जातिवाद विरोधी बताया ! लोकनायक जयप्रकाश नारायण दूसरी आजादी की लड़ाई के क्रम में यह समझ चुके थे कि समाज के सबसे बड़ा कोढ़ दहेज प्रथा और जातिवाद विचारधारा बन गए है ! इसलिए संपूर्ण क्रांति के दौरान ही उन्होंने बतौर सांस्कृतिक क्रांति की डोर को मजबूत करने के लिए नारा दिया –

जात – पात तोड़ दो, तिलक – दहेज छोड़ दो !
समाज के प्रवाह को नई दिशा में मोड़ दो !

अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव गजेन्द्र भगत ने कहा की लोकनायक जयप्रकाश नारायण आजादी के बाद देश के पहले ऐसे महानायक हुए जिन्होंने लोकसत्ता की स्थापना के लिए एक ऐसी क्रांति का बिगुल फूँका जिसकी छाप आज भी भारत के राजनीति पर है !
जयप्रकाश नारायण जी ने स्वयं समाजवाद के बारे में लिखा है कि ‘समाजवादी राज्य का जो स्वरुप मेरे सामने है वह आर्थिक एवं राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से पूर्णतः लोकसत्तातमक होगा !’
भारतीय इतिहास में एक ऐसा दुःखद भरा दिन भी आया जब लोकतंत्र का मानक स्थापित करने वाले लोकनायक जयप्रकाश नारायण का निधन 8 अक्टूबर 1979 में हो गया ! आह ऐसे ही जनमानस के चितेरे लोकनायक जयप्रकाश नारायण को बिदुपुर प्रखण्ड जनता दल यूनाइटेड की और से शत् – शत् बार नमन और भावपूर्ण श्रद्धांजलि !
जयन्ती समारोह में मुख्य रूप से बिदुपुर प्रखण्ड जनता दल यूनाइटेड के प्रखण्ड अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद मुकेश, पूर्व बीस – सूत्री अध्यक्ष अनिल कुमार चौरसिया, अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव गजेन्द्र भगत, अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रखण्ड अध्यक्ष धर्मवीर ठाकुर, व्यवसायी प्रकोष्ठ के प्रखण्ड अध्यक्ष अनिल कुमार, सेवादल प्रकोष्ठ के प्रखण्ड अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखण्ड अध्यक्ष मो. सुल्तान, छात्र जद (यू.) के प्रखण्ड अध्यक्ष आशुतोष कुमार, किसान प्रकोष्ठ के प्रखण्ड अध्यक्ष ललन झा, महादलित प्रकोष्ठ के प्रखण्ड अध्यक्ष राजेश कुमार राम, प्रखण्ड उपाध्यक्ष बालेश्वर राय, कोषाध्यक्ष ध्रुव नारायण चौधरी, प्रखण्ड प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार सिंह, प्रखण्ड सचिव विशेश्वर राय, अशोक चौरसिया, रामकुमार जी, प्रखण्ड उपाध्यक्ष रणधीर चौरसिया, सियाराम उर्फ पप्पू जी, रामनाथ राय, दिलावरपुर गोवर्धन के पंचायत अध्यक्ष उमेश राय, रहिमापुर के पंचायत अध्यक्ष अवध किशोर चौरसिया, नावानगर के ललन प्रसाद यादव, कथौलिया के उमेश राय, अमेर के महेश प्रसाद सिंह, शीतलपुर कमालपुर के पंचायत अध्यक्ष दुखहरण पंडित, कंचनपुर के धर्मनाथ चौधरी, राजविराज महतो, खानपुर पकड़ी के कार्यकारी पंचायत अध्यक्ष गणेश लाल पासवान आदि जद (यू.) कार्यकर्ताओं ने लोकनायक जयन्ती समारोह में भाग लिया !